SP श्री मनोहर सिंह मंडलोई का संवेदनशील कदम—पुलिस परिवार के दर्द को समझने की पहल*

पुलिस बल को केवल एक प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि एक परिवार मानते हुए पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई द्वारा आज दिनांक 17 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समस्याओं, स्वास्थ्य, पारिवारिक परिस्थितियों एवं कार्य-जीवन संतुलन को समझा और उनके समाधान की दिशा में संवेदनशील कार्रवाई की ।

पुलिस अधीक्षक ने आज जिले के कुल 14 आरक्षक/प्रधान आरक्षक/सहायक उप निरीक्षक एवं उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों/कर्मचारियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया गया। प्रत्येक कर्मचारी की समस्या को गंभीरता, सहानुभूति और धैर्यपूर्वक सुना गया।

🔶 संवेदनशील संवाद—एक अधिकारी नहीं, परिवार के सदस्य की तरह सुना दर्द

पुलिस अधीक्षक श्री मंडलोई ने कर्मचारियों से औपचारिक नहीं, बल्कि आत्मीय संवाद स्थापित किया। कई कर्मचारी भावुक होते हुए अपनी पारिवारिक परिस्थितियों, बीमार परिजनों की चिंता, मानसिक दबाव एवं ड्यूटी के बीच संतुलन की चुनौतियों को साझा करते नजर आए।

इस दौरान यह स्पष्ट रूप से महसूस किया गया कि जब नेतृत्व संवेदनशील होता है, तो कर्मचारी न केवल अपनी समस्याएं खुलकर रखते हैं बल्कि मानसिक रूप से भी सशक्त होते हैं।

🔶 मानवीय पहल—तत्काल राहत और भरोसे का संबल

एक आरक्षक, जो अपने परिजन की गंभीर बीमारी के कारण मानसिक रूप से व्यथित था, उसकी स्थिति को समझते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा उन्हें दीर्घ अवकाश स्वीकृत किया गया। साथ ही बेहतर चिकित्सा सुविधा एवं परामर्श उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

इस निर्णय से संबंधित कर्मचारी भावुक हो उठा और उसने इसे “एक अधिकारी नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य का साथ” बताया।

🔶 प्रशासनिक निर्देश—संवेदनशीलता के साथ त्वरित निराकरण

पुलिस अधीक्षक द्वारा संबंधित अधिकारियों के स्पष्ट निर्देश दिए गए कि—

  • सभी लंबित अवकाश आवेदनों का शीघ्र निराकरण किया जाए ।
  • बीमारी एवं पारिवारिक संकट से जुड़े मामलों में प्राथमिकता दी जाए।
  • प्रत्येक प्रकरण में निष्पक्षता के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी कल्याण ही प्रभावी पुलिसिंग की नींव है और किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक मानसिक या प्रशासनिक दबाव में नहीं रहने दिया जाएगा।

🔶 विश्वास और संवेदनशीलता का संदेश

इस पहल से पुलिस बल के भीतर एक सकारात्मक संदेश गया है कि संगठन अपने प्रत्येक सदस्य के साथ खड़ा है। इससे न केवल कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि पुलिस और समाज के बीच संवेदनशीलता का भाव भी और मजबूत होगा।

टीकमगढ़ पुलिस अपने कर्मियों के साथ संवेदनशीलता, सहयोग और विश्वास के साथ खड़ी है—क्योंकि मजबूत पुलिस बल का आधार है मजबूत पुलिस परिवार।

👉 टीकमगढ़ पुलिस — संवेदनशील नेतृत्व, सशक्त पुलिस परिवार।

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