एसपी मनोहर सिंह मंडलोई के नेतृत्व में मानव संवेदना समिति के सहयोग से बुजुर्गों को ‘आसरा अभियान’ के तहत कंबल वितरित

टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने दिनांक 21 जनवरी 2026 को आसरा अभियान के अंतर्गत मानवीय संवेदना समिति के सहयोग से टीकमगढ़ शहर के गऊघाट स्थित वृद्धाश्रम में ठंड से राहत प्रदान करते हुए बुजुर्गों को कंबल वितरित किए। इस पहल का उद्देश्य बुजुर्गों, विशेषकर वृद्ध महिलाओं, को ठंड से बचाना और उन्हें मानसिक तथा सामाजिक सहारा प्रदान करना था।

👉 इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने बुजुर्गों से आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने न केवल उनकी दैनिक जीवन की परिस्थितियों को जाना, बल्कि उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को भी संवेदनशील दृष्टिकोण से समझा। पुलिस अधीक्षक ने बुजुर्गों को टीकमगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे आसरा अभियान की जानकारी दी, जिसके तहत बुजुर्गों को समय-समय पर आवश्यक और आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

बुजुर्ग पुलिस अधीक्षक की स्नेहपूर्ण और आत्मीय बातचीत से अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने इस पहल के लिए टीकमगढ़ पुलिस का धन्यवाद किया। यह न केवल ठोस सहायता का अवसर था, बल्कि बुजुर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा और मानवीय संवेदना का प्रतीक भी रहा।

👉 पुलिस अधीक्षक ने मानवीय संवेदना समिति के सदस्यों की इस सेवा को अत्यंत सराहा और उन्हें उत्कृष्ट मानव सेवा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल समाज में समानुभूति और सहानुभूति की भावना को मजबूत करती है और पुलिस के संवेदनशील कार्यों को व्यापक रूप से उजागर करती है।

➡️ इस अवसर पर मानवीय संवेदना समिति से श्री मनीराम कठैल,श्री देवेंद्र योगी,डॉक्टर योगरंजन,इंजी.श्री विवेक जैन,साहि.श्री एचपी सिंह, समाजसेवी श्री स्वतंत्र कुमार जैन,समाजसेवी श्री सुरेश मिश्रा,समाजसेवी श्री राधाचरण तिवारी एवं महिला सेल से प्रधान आरक्षक रानू विश्वकर्मा, आरक्षक मानसी तिवारी, कीर्ति बुंदेला तथा स्थानीय क्षेत्रीय लोग भी उपस्थित रहे। सभी उपस्थित लोगों ने इस मानवीय पहल में सक्रिय योगदान दिया और बुजुर्गों को राहत पहुँचाने में सहयोग किया।

टीकमगढ़ पुलिस का संदेश:
टीकमगढ़ पुलिस निरंतर समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों, विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं, के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाकर उनकी सेवा और सुरक्षा सुनिश्चित करती रहेगी। यह पहल न केवल ठोस सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में मानवता, सहानुभूति और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करती है।

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