सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर म.प्र.लेखक संघ की 331वीं कवि गोष्ठी

टीकमगढ़// नगर सर्वाधिक सक्रिय साहित्यिक संस्था म.प्र. लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ की 331वीं कवि गोष्ठी सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती एवं महाकवि कालिदास की जयंती के उपलक्ष्य में ‘आकांक्षा पब्लिक स्कूल टीकमगढ़’ में आयोजित की गयी। कवि गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ बुंदेली कवि रामानंद पाठक ‘नंद’ (नैगुवाँ) ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार रारमसहाय राय (रामगढ़) एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ बुंदेली कवि पं. श्री बाबूलाल द्विवेदी (छिल्ला,उ.प्र.) उपस्थित रहे।गोष्ठी की शुरूआत सरस्वती पूजन दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात गीतकार शोभाराम दांगी ‘इंदु’(नदनवारा) ने पढ़ा – अरे देशवासियो सुनलो तुम किस बात पर फुदक रहे हो।तुमने दिया देश को क्या है, जो तुम अब इतने उचक रहे हो।।वीरेन्द्र चंसौरिया ने गीत सुनाया- दृढ़ संकल्प ने दिला दिया लौह पुरुष सम्मन।वल्लभ भाई पटेल हैं भारत देश की शान।।राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने दोहे सुनाए- कतकारी ढूँढ़े फिरे,कउँ न मिले भगवान। कान्हा तो भीतर बसे,ज्यों मुरली में तान।।रामगोपाल रैकवार’ ने रचना- लोह पुरुष सरदार थे, माँ भारती सपूत।भारत के निर्माण में,उनका योग अकूत।।रामसहाय राय (रामगढ़) ने गीत पढ़ा – हिंद देश के निवासी सभी जन एक है।रंग रूप भेषभूषा चाहे अनेक है।।लकी अहिरवार (बल्देवगढ़) ने कविता पढ़ी-एकता के प्रतीक सरदार थे।लोह पुरुष कहलाते नेता असरदार थे।।बाबूलाल द्विवेदी छिल्ला(उ.प्र.) ने पढ़ा – कोविद केनियात के केवट कंलिक कमलाकर हो।काव्य पुरुष हे कलिदास कवि कुल गुरु सदा अमर हो।। चाँद मो. आख़िर ने ग़ज़ल कही-शिकवा हमी से शिकायत हमी से।करेगा वो इक दिन मुहब्ब हमी से।।वी.पी.विदुवा ने पढ़ा- वह सरदार थे लोह पुरूष के रूप में विख्यात थे।।विशाल कड़ा ‘मांझी’ ने पढ़ा- नमन है तुमको बलिदान,नमन है तुमको बलिदान।महामूर्ख से महाग्यानी बन,सफल किया प्रयाम।एस.आर.‘सरल’ ने पढ़ा- कालीदास महा थे ज्ञानी। चली कलम तूफानी।।शकील खान ने ग़ज़ल कही – आज वो ख्बाव में चले आये।हम लगे वो जिन्हें भुलाने में।।प्रभुदयाल श्रीवास्तव‘पीयूष’ ने रचना पढ़ी – कालिदास जी ने किया धरा धाम को धन्य।हुआ हनीं होगा नहीं इन जैसा कोई अन्य।।कमलेश सेन ने पढ़ा- महापुरुषों के श्री चरणों में नित नित शीश नवाता हूँ।उनके पद चिन्ह्ों पर चलने की राह तुम्हें दिखलाता हूँ।।यदुकुल नंदन खरे (बल्देवगढ़) ने कविता पढ़ी-अगर तुम्हारे अन्तर्मन में थोड़ा सा परिर्वतन हो जाता। मर्यादा का पालन करके मानव रंगमंच पर आता है।डी.पी.यादव ने रचना पढ़ी – सरदार पटेल नेता वकील किसान थे।मूल्यों आदर्शो सुचिता की पहचान थे।।इनके अलावा शिवम अहिरवार,सी.एल नामदेव आदि ने भी अपने विचार प्रकट किये। कविगोष्ठी का संचालन वीरेन्द्र चंसौरिया ने किया तथा सभी का आभार प्रदर्शन अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने किया।*रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’*टीकमगढ़(म.प्र.)* मोबाइल-9893520965

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