पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर मंडलोई के निर्देशानुसार दीपावली के पावन अवसर पर महिला सेल की टीम ने मानवीय संवेदना का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मातृ-पितृ वृद्धाश्रम पहुँचकर वहाँ रह रहे बुजुर्गों के साथ त्योहार की खुशियाँ साझा कीं।
कार्यक्रम के दौरान महिला सेल प्रभारी प्रधान आरक्षक रानू विश्वकर्मा ने बुजुर्गों का मुंह मीठा कराया, उन्हें बिस्किट वितरित किए, और सबसे बढ़कर, उनके पास बैठकर उनसे आत्मीय बातचीत की।
उन्होंने बड़े स्नेह से बुजुर्गों का हाल-चाल जाना, उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा, और उनकी छोटी-छोटी जरूरतों को समझने का प्रयास किया।
बुजुर्गों ने भी अपने जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए महिला सेल की टीम को भरपूर आशीर्वाद दिया।
उनकी आँखों में उमड़ते स्नेह और चेहरे पर झलकती मुस्कान ने पूरे वातावरण को भावनाओं से भर दिया।
वृद्धाश्रम का माहौल दीपावली के दीयों की तरह रोशन हो उठा, लेकिन उसी रोशनी में एक क्षण ऐसा भी आया जिसने सभी की आँखें नम कर दीं —
जब एक बुजुर्ग ने बड़ी आत्मीयता से कहा,
“बेटा, त्यौहार पर मिलने आ जाया करो… हमारे बच्चे अब हमसे मिलने नहीं आते।”
यह सुनकर उपस्थित सभी लोगों की आँखें नम हो गईं। उस पल ने सभी को यह अहसास कराया कि कभी-कभी हमारे कुछ पल की उपस्थिति, किसी के लिए पूरे संसार की रोशनी बन जाती है।
दीपावली के इस अवसर पर महिला सेल की इस पहल ने यह संदेश दिया कि सच्ची खुशी देने में है, लेने में नहीं।
कार्यक्रम में महिला सेल प्रभारी प्रधान आरक्षक रानू विश्वकर्मा एवं वृद्धाश्रम की पूरी टीम उपस्थित रही और सभी ने मिलकर बुजुर्गों के साथ यादगार पल बिताए।
