टीकमगढ़// गणेश उत्सव पर कवि गोष्ठी को आयोजन मीरा सूर साहित्य सृजन समिति टीकमगढ़ इकाई द्वारा होप रेजीडेंसी में सत्यप्रकाश खरे की निवास पर किया गया। कवि गोष्ठी की अध्यक्षता साहित्य अकादमी द्वारा ‘छत्रसाल सम्मान प्राप्त’ ख्यातिप्राप्त साहित्यकार राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने की एवं मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवि सत्यनारायण तिवारी एवं विशिष्ट अतिथि एस आर ‘सरल’ रहे। कवि सम्मेलन का संचालन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यप्रकाश खरे ‘सत्यसुधा’ ने किया।कवि सम्मेलन की शुरूआत दीपप्रज्जवल पश्चात् श्रीमती सुधा खरे की सरस्वती बंदना के साथ की गयी।एस.आर सरल ने चौकड़िया कड़िया सुनाई – कोयल जैसी मीठी बोली, सुधा मधुर रस घोली।सत्यप्रकाश खरे ‘सत्यसुधा’ ने गीत पढ़ा- जल सा जीवन जलज खिला दे, रत्नाकर में सुधा मिला दें।अध्यक्षता कर रहे राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने गणेश जी पर दोहे सुनाए-विघ्न विनायक विनायका, गणनायक गणराज।गौरी सुत शंकर सुअन, एकदंत महाराज।।प्रभुदयाल श्रीवास्तव ने चौकड़ियाँ कड़ियाँ पढ़ीं-जा पौंची जो मंच पै,बढ़ गई उकी शान।प्रमोद गुप्ता ने सुनाया- सुधा जी ई घर की थीं शान।मीनू गुप्ता ने बीत सुनाया- वो याद पुरानी ले आओ।सत्यनारायण तिवारी, ने व्यंग्य सुनाया- दौंदा बड़ों के लबरा,शेर बड़ौं कै बदरा।ओम प्रकाश तिवारी ‘कक्का’(ज्यौरा) ने सुनाया- आसों पानी ने हदई कर दई,ताल तलैयाभर दई।गुलाब सिंह यादव ‘भाऊ’ ने कविता सुनायी्र-सुधा खबर करें ऊ तन की न भूले खुद मन की।डी.पी शुक्ला ‘सरस’ ने कविता सुनाई -तुम्हारी यादों में हमें नींद नहीं आयी।दयाली विश्वकर्मा, ने सुनाया- ‘करो गणपति जू कौं बदनं, बार बार अभिनंदनकवि सम्मेलन का संचालन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यप्रकाश खरे ‘सत्यसुधा’ ने किया तथा सभी का आभार ओमप्रकाश तिवारी ‘कक्का’ ने व्यक्त किया।
गणेशउत्सव पर मीरा सूर साहित्य सृजन समिति की कविगोष्ठी हुई:-*
