पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई* के नेतृत्व में टीकमगढ़ जिले में नशे के विरुद्ध “नशे से दूरी,है जरूरी “ एक सतत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें –
📢 विद्यालयों और महाविद्यालयों में जागरूकता रैलियाँ
🎤 संगोष्ठियाँ, नुक्कड़ नाटक और संवाद कार्यक्रम
🧠 मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर
🚔 नशा व्यापारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही
🤝 समुदाय, युवा क्लब एवं सामाजिक संगठनों की भागीदारी शामिल हैं।
टीकमगढ़ पुलिस द्वारा जारी यह एडवाइजरी पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे प्रदेशस्तरीय अभियान “नशे से दूरी, है जरूरी” से जुड़ी हुई है, तथा इसमें पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई द्वारा जिलेवासियों के लिए नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को समाहित किया गया है।
👥 जिलेवासियों के लिए संदेश – पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ श्री मनोहर सिंह मंडलोई की ओर से:
“आज का युवा कल का राष्ट्र निर्माता है। नशा उस भविष्य के रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट है।
टीकमगढ़ पुलिस आप सभी से अपील करती है कि नशे से दूर रहें, अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, और एक बेहतर समाज के निर्माण में सहभागी बनें।”
“यदि आप या आपके परिवार में कोई नशे की गिरफ्त में है, तो संकोच न करें – मदद लें। टीकमगढ़ पुलिस आपके साथ है।”
🔺 नशा क्या है ?
नशा वह स्थिति है जिसमें कोई व्यक्ति शराब, तम्बाकू, ड्रग्स या किसी अन्य रासायनिक पदार्थ का बार-बार और अत्यधिक सेवन करता है, जिससे उसका मानसिक व शारीरिक संतुलन बिगड़ जाता है।
यह शुरू में ‘मज़ा’ या ‘ट्रेंड’ की तरह लग सकता है, लेकिन यह धीरे-धीरे आदत, फिर लत और अंत में बर्बादी बन जाता है।
👉 युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण:
- तनाव (पढ़ाई, करियर, रिश्तों आदि को लेकर)
- सोशल मीडिया व साथियों का प्रभाव (“Peer Pressure”)
- कूल दिखने की चाह
- डिजिटल ओवरलोड व अकेलापन
- परिवार में संवाद की कमी
👉 नशे के परिणाम:
- स्वास्थ्य पर प्रभाव:
- मस्तिष्क, यकृत, हृदय और फेफड़ों को नुकसान
- नींद, भूख और मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव
- जीवनशक्ति की हानि
- व्यक्तित्व पर प्रभाव:
- आत्म-विश्वास में गिरावट
- चिड़चिड़ापन, आक्रोश और अवसाद
- आत्महत्या की प्रवृत्ति
- आपराधिक प्रवृत्ति
- समाज और परिवार पर प्रभाव:
- परिवार से दूरी
- सामाजिक अलगाव
- आपराधिक गतिविधियों में फंसने की संभावना
👉 आपके लिए सलाह (Advisory for Youth):
- ✅ ना कहने की हिम्मत रखें– ‘Cool’ वही है जो सही निर्णय ले।
- ✅ सकारात्मक संगति में रहें– अच्छे दोस्त वही हैं जो नशे से दूर रखते हैं।
- ✅ खुलकर बात करें– माता-पिता, शिक्षक या किसी काउंसलर से बात करने में संकोच न करें।
- ✅ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें– ध्यान, योग, खेलकूद और रचनात्मक कार्यों से तनाव दूर करें।
- ✅ जानकारी रखें*– नशे के दुष्परिणामों की जानकारी होना रोकथाम की पहली सीढ़ी है।
*यदि आप या आपका कोई मित्र नशे की गिरफ्त में है:*
👉 घबराएं नहीं। यह कोई अंत नहीं है।
👉 सहायता लें — Nasha Mukti Kendra, चिकित्सक, स्कूल काउंसलर, हेल्पलाइन आदि।
राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन: 14446 (India)
🔹 संदेश:
“नशा शरीर को खा जाता है, सपनों को मिटा देता है, और रिश्तों को तोड़ देता है।
लेकिन आप में वो शक्ति है जो खुद को और दूसरों को इससे बचा सकती है।”
आइए, मिलकर एक नशा-मुक्त, स्वस्थ और जागरूक युवा समाज का निर्माण करें।
मनीष सोनी की रिपोर्ट
