टीकमगढ़ जिले के बलदेवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत एक चौंकाने वाला मामला सामने आया था
जिसमें एक छात्र को मेडिकल संचालक के द्वारा मृत डॉक्टर फर्जी सील लगाकर तथा फर्जी हस्ताक्षर कर मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किया गया था यह खबर हमने प्रमुखता से प्रकाशित की थी और और इस संबंध
प्रशासन के जिम्मेदारों ने कार्यवाही की बात कही थी पर आज दिनांक तक लगभग एक माह बीत जाने पर भी कोई कार्यवाही न होना प्रशासन की मंशा पर सवालिया निशान बनकर रह गया है
इस संबंध में हमने खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ अंकित त्रिपाठी से जानकारी मांगी तो उन्होंने जिला स्तर से जांच होने की बात कह कर गेंद सीएमएचओ कार्यालय के पाले में डाल दी हमने सीएमएचओ कार्यालय
में जब बात की तो पता चला डी एच ओ डॉ के एम वरुण जांच कर रहे हैं डॉ वरुण से जब हमने बात की तो उन्होंने बताया कि जांच अभी चल रही है
अब ऐसे में सवाल यह है कि मीडिया चैनलों के द्वारा मेडिकल संचालक और छात्र के बीच बातचीत की वॉयस रिकॉर्डिंग सहित खबर प्रकाशित की गई थी जिसमें मेडिकल संचालक खुद छात्र से यह कह रहा है कि में सब संभाल लूंगा मुझसे गलती हो गई है तुम चिंता मत करो
तो क्या सच में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने वाले मेडिकल संचालक ने सबकुछ संभाल लिया है
और यदि यह मामला दबाने का प्रयास किया जा रहा है तो निश्चित रूप से यह दुर्भाग्यपूर्ण है
In 7 news के लिए विजय सिंह ठाकुर की रिपोर्ट
फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट मामले में प्रशासन का उदासीन रवैया आरोपी के हौसले बुलंद
