पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर की संयुक्त अध्यक्षता में समन्वय बैठक:— एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टों में विलंब पर गंभीर मंथन

जिला चिकित्सालय से ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त होने वाली एमएलसी (मेडिको लीगल केस) एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टों में हो रहे विलंब को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री विवेक श्रोतीय एवं पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई की अध्यक्षता में पुलिस एवं चिकित्सा विभाग के मध्य एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक का आयोजन आज दिनांक 21 जनवरी 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम,टीकमगढ़ में किया गया।

बैठक में अधिकारियों की सहभागिता

बैठक में पुलिस विभाग की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विक्रम सिंह कुशवाहा,डीपीओ श्री जिनेंद्र जैन एवं सीसीटीएनएस प्रभारी श्री सुनील प्रजापति उपस्थित रहे।
चिकित्सा विभाग की ओर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. अनुरागी, आरएमओ डॉ. डी.एस. भदौरिया, जिला चिकित्सालय की असिस्टेंट मैनेजर डॉ. श्रीमती अंकुर साहू, कंप्यूटर ऑपरेटर श्री शुभम श्रीवास सहित जिले के समस्त सीएससी एवं पीएससी से संबद्ध चिकित्सा अधिकारी बैठक में सम्मिलित हुए।

👉 एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टों की विधिक महत्ता

बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टों की विवेचना, अभियोजन एवं न्यायिक प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन रिपोर्टों का समय पर उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनावश्यक विलंब से न केवल विवेचना प्रभावित होती है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में भी बाधा उत्पन्न होती है। इस संबंध में उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर पूर्व अवधि में चिकित्सा विभाग को प्रेषित किए गए एमएलसी एवं पोस्टमार्टम प्रकरणों की सांख्यिकीय स्थिति प्रस्तुत की गई, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि अनेक मामलों में रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा में प्राप्त नहीं हो पा रही है।

👉 बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री विवेक श्रोतीय ने कहा—

“एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट केवल औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया का आधार हैं। इनकी समयबद्ध, सटीक एवं ऑनलाइन उपलब्धता प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस एवं चिकित्सा विभाग को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक विलंब न हो। लापरवाही की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी।”

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि रिपोर्ट तैयार करने एवं अपलोड करने की प्रक्रिया में तकनीकी एवं प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सुधार किए जाएं तथा वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से इसकी निगरानी करें।

चिकित्सा विभाग द्वारा सुधारात्मक आश्वासन

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. अनुरागी ने बैठक में बताया कि रिपोर्टों में हो रहे विलंब को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सा अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे तथा एमएलसी एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टों की समयसीमा तय कर पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि दोनों विभागों के मध्य नियमित समन्वय बैठकें आयोजित की जाएं, जिससे कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी हो सके।

समन्वय से सुदृढ़ होगी न्यायिक प्रक्रिया

इस बैठक के माध्यम से पुलिस एवं चिकित्सा विभाग के बीच समन्वय, उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि विधिक प्रक्रियाओं में किसी भी स्तर पर विलंब न हो तथा पीड़ितों को समय पर न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *