टीकमगढ़। धनतेरस के अवसर पर जहाँ लोग अपने परिवार के साथ खुशियाँ बाँटते हैं, वहीं मानवीय संवेदना समिति ने इस पर्व को विशेष रूप से मनाने का निर्णय लिया। समिति के सदस्यों ने ग्राम माडूमर में तीन अनाथ बच्चियों — ज्योति रैकवार, प्राची रैकवार और पूजा रैकवार — की मदद कर मानवता का परिचय दिया।
इन तीनों बच्चियों के पिता का कुछ समय पूर्व सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था और मां का निधन बीमारी के चलते हो गया था जिसके बाद से वे कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही थीं। समिति ने उन्हें नए वस्त्र, मिठाई, नमकीन, दीपक, आतिशबाजी और नकद राशि प्रदान कर धनतेरस की खुशियों में शामिल किया।
समाजसेवी स्वतंत्र जैन ने कहा कि “धनतेरस जैसे पावन पर्व का सच्चा अर्थ तभी पूरा होता है जब हम अपने आसपास जरूरतमंदों की सहायता करें। इन बच्चियों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सबसे बड़ा पुण्य है।”
समिति के सचिव मनीराम कठैल ने बताया कि “हमारा उद्देश्य समाज में मानवीय संवेदनाओं को जीवित रखना है। जरूरतमंद बच्चों की मदद कर हमें सच्ची खुशी मिलती है, और आगे भी ऐसी पहल जारी रहेगी।”
उल्लेखनीय है कि मानवीय संवेदना समिति पूर्व में भी होली और रक्षाबंधन जैसे पर्वों पर इन बच्चियों की मदद करती रही है, जिससे उनके जीवन में खुशी और आत्मविश्वास बना रहे। उक्त जानकारी समिति के प्रवक्ता विनोद राय ने दी।
इस अवसर पर रमेश खरे, इरफान अहमद, विनोद राय, कल्लू विश्वकर्मा, राजेंद्र सिंह परमार माडूमर, अवधेश तिवारी (सरपंच प्रतिनिधि माडूमर) सहित अनेक ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
