टीकमगढ़ तहसील में अभिलेख सुधार के 212 आवेदनों का हुआ निराकरण

टीकमगढ़, 26 फरवरी 2026/* कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में आज तहसील टीकमगढ़ में संकल्प से समाधान अभियान अंतर्गत राजस्व के प्रकरणों के त्वरित समाधान एवं निराकरण के उद्देश्य से शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री श्रोत्रिय की उपस्थिति में उन प्रकरणों का तत्काल मौके पर ही निराकरण कराया गया, जो 5 साल से ज्यादा पुराने थे, ताकि प्रशासन की कार्यप्रणाली में कोई रुकावट नहीं आए। शिविर में एक ही दिन में राजस्व के अभिलेख सुधार के 212 प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया गया।
टीकमगढ़ तहसील स्थित स्थानीय उत्सव भवन में राजस्व के अभिलेख सुधार के लिए एक साथ कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार कोर्ट लगाकर आवेदनों का निराकरण किया गया। शिविर के दौरान कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय, एसडीएम टीकमगढ़ श्रीमती संस्कृति मुदित लटौरिया तथा तहसीलदार श्री सतेन्द्र सिंह गुर्जर की उपस्थिति में कोर्ट लगाया गया, जिसमें पटवारी, तहसीलदार तथा कलेक्टर कार्यालय से संबंधित सभी रिपोर्ट ली गईं और मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया गया।
शिविर में एक ही दिन में राजस्व के अभिलेख सुधार के 212 प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया गया। गौरतलब है कि गत दिवस मोहनगढ़, दिगोड़ा तथा लिधौरा तहसीलों में भी इसी प्रकार के विशेष राजस्व सुधार कैम्प आयोजित किए गए थे। मोहनगढ़ में 52 तथा दिगोड़ा में 77 तथा लिधौरा तहसील में 120 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस प्रकार अब तक मोहनगढ़, दिगोड़ा, लिधौरा तथा टीकमगढ़ तहसील में कुल 461 लंबित प्रकरणों का त्वरित समाधान किया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि राजस्व अभिलेख सुधार संबंधी इन प्रकरणों के लंबित रहने का मुख्य कारण वर्ष 2011-2014 के दौरान हुए राजस्व अभिलेखों के कंप्यूटरीकरण में हुई त्रुटियाँ थीं। इन त्रुटियों के कारण फौती दर्ज नहीं हो पा रही थी या रजिस्ट्री की प्रक्रिया अटक रही थी, जो कि राजस्व विभाग के लिये जटिल समस्या थी। इन समस्याओं को संज्ञान में लेते हुये कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने इनके निराकरण के उद्देश्य से तीनों कोर्ट एक साथ एक स्थान पर लगाने की पहल की। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की पहल पर एसडीओ और तहसीलदार के न्यायालय एक ही दिन, एक ही स्थान पर लगाए गए। मौके पर ही रिपोर्ट, अनुमति और आदेश की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी कर उसी दिन अभिलेखों में संशोधन किया गया तथा आवेदकों को आदेश की प्रति भी सौंप दी गई।
कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने कहा कि 31 मार्च तक जिले के सभी लंबित राजस्व सुधार प्रकरणों का पूर्ण निराकरण लक्ष्य है, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को अनावश्यक दौड़-भाग से मुक्ति मिल सके। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस सक्रिय, पारदर्शी और जन-केंद्रित पहल की सराहना करते हुए इसे त्वरित न्याय और जवाबदेही का सशक्त उदाहरण बताया है।

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