सिंगरौली 28 जुलाई। जिले में पिछले 15 जुलाई से नशा मुक्ति जागरूकता अभियान पुलिस के द्वारा चलाया जाकर नशा से दूर रहने के लिए खूब डफला पीटा जा रहा है। लेकिन इसी खाकी वर्दी के संरक्षण में गांव-गांव देशी-विदेशी शराब बाइक एवं बोलेरो समेत अन्य वाहनों से पहुंचाई जा रही है। आज यातायात पुलिस चौकी झोखों ने दो युवकों के कब्जे से दो कार्टून देशी-विदेशी शराब जप्त कर कार्रवाई के लिए चितरंगी पुलिस को सौंप दिया है।
गौरतलब है कि पुलिस महानिदेशक भोपाल के निर्देशानुसार जिले में 15 जुलाई से नशा से दूर रहना जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। विद्यालयों के साथ-साथ सार्वजनिक भीड़-भाड़ स्थान में पुलिस पहुंचकर लोगों को नशा से दूर रहने और उससे होने वाले नुकसान के बारे में खूब बातें कर रही है, लेकिन पर्दे के पीछे पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि पुलिस एवं आबकारी के संरक्षण में देशी विदेशी शराब की बिक्री गांव में अवैध तरीके से जोर-शोर से कराया जा रहा है । आरोप तो यहां तक लग रहे हैं कि सरकारी शराब दुकानों से पुलिस एवं आबकारी महकमा का सब ठीक है, वह भी छोटा-मोटा कमीशन नहीं बड़ा कमीशन वसूल करती है। इसीलिए शराब दुकानदारों के विरुद्ध पुलिस एवं आबकारी अमला कार्रवाई करने से भागते नजर आता है। हालांकि अब धीरे-धीरे ग्रामीण भी पुलिस एवं आबकारी की इस पर्दे के पीछे किये जा रहे खेल का भंडाफोड़ करने में लगे हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि आज दिन सोमवार की सुबह झोखों पेट्रोल पंप के पास दो युवक एक मोटरसाइकिल से दो कार्टून शराब गांव में पहुंचाने और अघोषित रूप से संचालित दुकान में खपाने जा रहे थे कि ग्रामीणों ने घेराबंदी कर दबोच लिया और यातायात पुलिस चौकी झोखों को अवगत कराया। जहां पुलिस मौके से पहुंच मोटरसाइकिल एवं दो कार्टून देशी-विदेशी अवैध शराब अपने कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई के लिए चितरंगी पुलिस को सौंप दिया है ।
इधर बताया जा रहा है कि इस कारोबार में संलिप्त अजय सिंह पिता राज बहादुर सिंह उम्र 26 वर्ष निवासी पड़री थाना बहरी हाल मुकाम कर्थुआ और मनीष सिंह सेंगर पिता राजेन्द्र सिंह सेंगहर उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम फूल थाना मऊगंज हाल मुकाम कर्थुआ के क्बजे से 24 नग बियर, 50 पाव देशी मदिरा प्लेन बरामद करते हुये आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इधर जिले में कई अंचलों में अघोषित रूप से पहुंच जा रही देशी-विदेशी शराब के कर्ताधर्ता एवं खाकी वर्दी की भूमिका पर भी जमकर सवाल किया जा रहे हैं।
००००
बाक्स
आबकारी निरीक्षक की चर्चा जोरों पर
सूत्रों की बातों पर गौर करे तो कर्थुआ में संचालित देशी-विदेशी शराब दुकान को लेकर काफी चर्चा है। बताया जाता है कि यह शराब दुकान आबकारी निरीक्षक के देवर के नाम से है। पहले आबकारी निरीक्षक के पति के नाम से चल रही थी। जहां देवसर व कर्थुआ क्षेत्र के दर्जनों गांवों में खोचिया चलाई जा रही है। इस पूरे खेल में आबकारी निरीक्षक की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि आबकारी निरीक्षक का धौंस दिखाकर खुलेआम चार पहिया वाहन से दिन हो या रात 24 घंटे गांव-गांव शराब पहुंचाई जा रही है।
वहीं देखा जाय तो चितरंगी देशी विदेशी शराब दुकान किसी से कम नहीं चितरंगी से लेकर बगदरा, लमसरई, झोंखो,दुधमनिया जैसे पूरे क्षेत्र में जम कर कोचिया के माध्यम से सप्लाई की जा रही है इन्हें किसी से कोई फर्क नहीं पड़ता ।
एक कहावत चिरतार्थ करती है सइयां भए कोतवाल तो डर काहेका ।
सिंगरौली/सीधी से बाबू श्री मान सिंह चंदेल की ब्यूरो रिपोर्ट
गांव-गांव में पहुंचाया जा रही देशी-विदेशी शराबपुलिस एवं आबकारी का मिला है संरक्षण
